मेन्यू के लिए ऊपर मैरून स्ट्रिप को टैप करें

अपनी सभी पोस्ट्स देखने के लिए अपने नाम पर टैप करें। किसी अन्य सदस्य की पोस्ट्स देखने के लिए Members पर टैप कर के उस सदस्य के नाम पर टैप करें।


गज़ल

 ग़ज़ल 

 

दिल  से तो सबने निकाला है हमको
आँखों  ने  तेरी   संभाला  है   हमको

हर  इक  तरफ़  से  अंधेरा है  आता
जानिब  से  तेरी  उजाला  है हमको

हंसते  जो  रहते  तो  उठ  कैसे  पाते
आंसू  ने  ऊपर   उछाला  है   हमको

कहने  को  तो  है  वही  कच्ची  रोटी
हाथों  से  तेरे  के  निवाला  है  हमको

मेरी   वजह   से  न  रोए   कोई   भी
माँ ने सिखा  कर के  पाला  है हमको

और 'साज़' फिर से हूँ जंगल में क्यूंकी
सहरा  से   तूने   निकाला   है   हमको

 

सिद्धार्थ  'साज़ ' 

E-mail me when people leave their comments –

You need to be a member of Sukhanvar International to add comments!

Join Sukhanvar International

Comments

  • Waah...
    Bahut khoob ❣
This reply was deleted.

प्रयागराज - लखनऊ - कानपुर - नोएडा - नई दिल्ली - चंदौसी - मेरठ - साँईखेड़ा - इंदौर - भोपाल - जयपुर - आगरा