मुहब्बत

पहली मुहब्बत तो बस पहली मुहब्बत होती है।।
उसके बाद में इश्क़ महज़ इक फितरत होती है।।

दरिया और लहरों का रिश्ता चलता रहता है,
पर मैं उसको प्यार करूँ तो दिक्कत होती है।।

तुम उसके ख्वाबों में हो और वो और किसी के,
ऐसी इश्क़गिरी पर सबको लानत होती है।।

बातें वातें बरसातें सब बाद में आते हैं,
इश्क़ की पहली सीढ़ी यारों इज्ज़त होती है।।

लफ्ज़ मिलाने भर से कोई शायर नहीं बनता,
ख़ारिज मिसरों से पूछों क्या हालत होती है।।

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